जानें, शाहीन बाग में ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से भड़क गईं वार्ताकार साधना रामचंद्रन
शाहीन बाग में रास्ता खाली कराने को लेकर गठित मध्यस्था टीम की महिला वार्ताकार साधना रामचंद्रन गुरुवार को प्रदर्शनकारियों पर भड़क उठीं। प्रदर्शनकारियों के रवैये को देखकर उन्होंने मंच से एलान कर दिया कि अगर ऐसा ही माहौल रहा तो वह लोग प्रदर्शनकारियों से बातचीत करना बंद कर देंगे। इसके बाद मंच के नीचे से वार्ताकारों के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।
वार्ताकार संजय हेगड़े ने भी प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली करने को लेकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी भी प्रदर्शनकारियों ने एक भी न सुनी। इसके बाद साधना ने कहा कि अब प्रदर्शनस्थल पर बातचीत नहीं होगी, क्योंकि यहां का माहौल बात करने लायक नहीं रहा। वार्ताकारों ने प्र्रदर्शनकारियों से 20 लोगों की लिस्ट मांगी है, जिनसे बातचीत किसी दूसरे स्थान पर करने की बात की है।
वरिष्ठ अधिवक्ता साधना रामचंद्रन व संजय हेगड़े को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से सुप्रीम कोर्ट ने दायर एक याचिका के बाद हुई सुनवाई में बातचीत का जिम्मा सौंपा है। वार्ताकार संजय व साधना बुधवार को भी शाहीन बाग बातचीत के लिए पहुंचे थे, लेकिन उसका कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया था।
बातचीत सफल न होने पर दोनों वार्ताकार एक बार फिर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे शाहीन बाग पहुंचे थे। मंच पर दोनों वार्ताकार प्रदर्शनकारी से बातचीत कर रहे थे, तभी कुछ महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट की दायर याचिका पर ही सवाल उठा दिया। लगातार प्रदर्शनकारियों की नारेबाजी व अभद्रता से परेशान होकर साधना रामचंद्रन भड़क उठीं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को माहौल न खराब करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि अब आप निर्णय करेंगे सुप्रीम कोर्ट कौन से मामले की सुनवाई करें। सुप्रीम कोर्ट सीएए-एनआरसी की सुनवाई न कर वह रास्ता खाली करने की सुनवाई करने के लिए हमे वार्ताकार नियुक्त किया है।